आर्टिकल 370 क्या है What is Article 370 in Hindi

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क्या आपको पता है कि आर्टिकल 370 क्या है what is article 370 in hindi ? अगर मालूम नही है तो आज आप इस लेख में जरूर जान जाएंगे। हाल ही में 6 अगस्त 2019 को हमारे भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को पूरी तरह से खत्म कर दिया है ।

जिसके कारण लोगों के मन मे इस विषय से सम्बंधित बहुत तरह के सवाल आ रहे हैं कि धारा 370 क्या है, धारा 370 के हटाने के उपाय, आर्टिकल 370 के नियम आदि भिन्न-भिन्न सवाल आ रहे हैं ।

इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न इन सभी सवालों के जवाब एक लेख में कवर करके बता दिया जाए। आर्टिकल 370 एक ऐसी धारा थी, जब यह धारा किसी भी राज्य में लागू हो जाते थे, तब उस राज्य पर केंद्र सरकार का कोई शासन नही चल पाता है।उसके अलग नियम और कायदे-कानून हो जाते थे ।

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आपको जम्मू-कश्मीर राज्य के बारे में मालूम ही होगा की यह केंद्र शासित राज्य नही था । यहाँ तक कि इसके संविधान और राष्ट्रीय झण्डा भी अलग था । केंद्र सरकार जम्मु -कश्मीर के राज्य से सरकार के बिना अनुमति के इस राज्य के किसी भी काम मे दखल नही दे सकता था। इसमें इतना ही नही इनके अलावा भी इसके कई सारे नियम हैं, इनसे पहले हम 370 धारा क्या होता है ? इसके बारे में बात कर लेते हैं।

आर्टिकल 370 क्या है ? What is Article 370 in hindi ?

आर्टिकल 370 एक ऐसी धारा है जब यह धारा किसी भी राज्य में लागू हो जाते हैं तब उस राज्य को अन्य राज्य के मुकाबले उनको ढेरों-सारे सुविधाएं मिल जाती है। इन आर्टिकल के नियम के अनुसार 370 धारा लागू वाले राज्य पर केंद्र यानी भारत सरकार का कोई भी जोड़ नही चलता हैं । वहाँ के सभी कार्य राज्य सरकार के हाथों में ही होता है

वहाँ के सिर्फ 3 कार्य जैसे कि – रक्षा, संचार एवं विदेशी मामलें ही भारत सरकार के हाथों में होता है। यह 370 धारा जम्मू कश्मीर में लागू हुआ था यहाँ के लोगों को दोहरी नागरिकता मिल जाती है, एक जम्मू कश्मीर और दूसरा भारत का मिल जाता है। जम्मू कश्मीर के संविधान और राष्ट्रीय झंडे भी अलग थे और उनके कानून व्यवस्था भी राज्य सरकार के अनुसार ही चलाया जाता था।

370 धारा कब लागु हुआ था ?

Article 370 को 17 नवंबर 1952 ई० को लागू किया गया था। अगर हम Article 370 बनाने की बात करूं तो यह 26 अक्टूबर 1947 में बनाया गया था। इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए आपको इसके इतिहास पर प्रकाश डालने पड़ेंगे।

Article 370 कब और क्यूँ बनाई गई ? धारा 370 के इतिहास 

अगर हम इसके इतिहास के बारे में बात करे तो, इसके इतिहास बहुत बड़ी है, फिर भी यहाँ हम आपको इसके जो मुख्य मुद्दा है उस पर बात करते हैं ताकि आपको आसानी से समझ आ सके । 15 August 1947 को हमारा भारत आजाद हो गया था और इसके बाद जम्मू कश्मीर भी पूरी तरह आजाद हो गया था ।

भारत के आजादी के समय वहाँ के गवर्नर लार्ड लुईस माउंटबेटन  था, उसने जम्मू कश्मीर के शासक राजा हरि सिंह को यह आदेश दे दिया कि आप चाहे तो भारत के साथ मिलकर रह सकते हैं या आप अपने रियासत को अकेले स्वतंत्र रख सकते हैं।

कश्मीर के शासक राजा हरि सिंह अपने रियासत को स्वतंत्र रखना चाहते थे इसलिए वह भारत के साथ नही मिले और वह अकेला पड़ गया  । इसी बीच पाकिस्तान ने मौका देखा और 20 अक्टूबर 1947 ईo  को कश्मीर और पाकिस्तान के सेना के साथ मिलकर कश्मीर पर हमला बोल दिया तथा वहाँ के काफी सारा हिस्सा पर कब्जा जमा लिया ।

इस बुरी परिस्थिति को देख राजा हरि सिंह घबरा गए और अपने रियासत को बचाने हेतु उसने भारत से मदद माँगी । लेकिन,  भारत ने भी उसकी मदद के लिए कुछ शर्तें रखी जो कि उसको मंजूर हो गया । इसलिए 26 अक्टूबर 1947 ईo को भारत ने शेख अब्दुल्ला की सहमति से जवाहरलाल नेहरू के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर के अस्थायी विलय की घोषणा कर दी तथा “Instruments of Accession of Jammu and Kashmir to India” पर हस्ताक्षर कर दिया।

इस नए समझौते के कारण जम्मू कश्मीर को एक नई ताकत और विशेष दर्जा प्राप्त हो गया । जम्मू कश्मीर ने भारत के हाथों 3 विषयो – संचार, रक्षा और विदेशी मामले को सौंप दिया । इस समझौते के बाद भारत ने कश्मीर से वादा किया कि – कश्मीर खुद अपने सविंधान और क़ानून बना सकती है और उसेे लागू भी कर सकती है। इसके साथ ही भारत ने अपने सविंधान में 370 Article को शामिल किया और भारत ने स्पष्ट रूप से यह  कह दिया कि जम्मू कश्मीर के लिए यह प्रावधान अस्थायी है।

Article 370 के नियम और इनके अंतर्गत आनेवाले सुविधाएं ?  

इस धारा के अंर्तगत जम्मू कश्मीर के लोगों को बहुत सारी विशेष सुविधाएं प्राप्त है, जिनके बारे में हम नीचे चर्चा करेंगे।

1.इस धारा के अंतर्गत जम्मू कश्मीर के लोगों को विशेष अधिकार प्राप्त है वहाँ के सरकार खुद संविधान और क़ानून बनाकर लागू कर सकते हैं।

2.यहाँ के लोगों को दोहरी नागरिकता प्राप्त हैं एक जम्मू कश्मीर और दूसरा भारत का है।

3.जम्मू कश्मीर में भारत के कोई भी व्यक्ति वहाँ जमीन या प्लाट आदि नही खरीद सकते हैं।

4.भारत के विधानसभा के कार्यकाल 5 वर्षो का होता है जबकि जम्मू कश्मीर के विधानसभा के कार्यकाल 6 वर्षों का होता है।

5.भारत के कोई भी नागरिक जम्मू कश्मीर में शादी नही कर सकते हैं।

6.अगर जम्मू कश्मीर के कोई व्यक्ति पाकिस्तान में शादी कर लेते हैं तो उसकी उनागरिकता खत्म नही होती है । लेकिन, यही अगर वहाँ के कोई भी महिला भारत में कहीं शादी कर ले तो उसकी नागरिकता वहीं खत्म हो जाती है।

5.अगर कोई पाकिस्तानी जम्मू कश्मीर के लड़की से शादी कर लेता है तो उसको भारत के नागरिकता बहुत आसानी से मिल जाता है।

6.जम्मू कश्मीर अपने अलग झंडे हैं, अगर वहाँ के कोई भी व्यक्ति भारत के झंडे यानी तिरंगे का अपमान करता है तो वह जुर्म के दायरे में नही आता है।

7.धारा 370 के ही कारण यहाँ पर (RTI) यानी सूचना का अधिकार और (CAG) जैसी सेवा काम नही करता है।

8.यहाँ भारत सरकार मात्र रक्षा, संचार, और विदेशी मामले जैसे कानून पर ही कार्य कर सकते हैं इसके अलावा किसी भी नए कानून को बनाने के लिए उसे राज्य सरकार से अनुमति लेना पड़ता है ।

9.भारत के संविधान के मुताबिक धारा 370 के अंतर्गत देश में वित्तीय आपातकाल सेवा लगा सकता है लेकिन, जम्मू कश्मीर में यह कानून लागू नही होता है।

10.भारत के संविधान के कानून के अंतर्गत यहाँ पर पंचायत होता है लेकिन, जम्मू कश्मीर में कोई भी पंचायत नही होता है और यहाँ पर पंचायत का कोई अधिकार नही होता है।

11.अगर भारत के संविधान में किसी प्रकार का संशोधन होता है तो वह जम्मू कश्मीर पर तबतक लागू नहीं होता है, जबतक की राष्ट्रपति अपना आदेश न दे।

12.भारत सरकार जम्मू कश्मीर राज्य के नक्शा, जमीन के क्षेत्रफल और उनके नाम आदि में परिवर्तन नही कर सकते हैं, जबतक की राज्य सरकार उसे अनुमति न दे ।

धारा 370 कौन हटा सकता है ?  

अगर हम Article 370 को हटाने की बात करे तो इसे कोई भी नही हटा सकता है। हाँ लेकिन, इसमें संशोधन जरूर किया जा सकता है।

धारा 370 का संशोधन करने का हक सिर्फ देश के राष्ट्रपति को है। धारा 370 को संशोधित करने के लिए ही माननीय राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह ने यह मामला को कोर्ट में पेश किया था और कोर्ट ने 6 अगस्त 2019 को अपना फैसला सुना दिया ।

धारा 370 को हटाने के पर किन चीजों में हुए बदलाव ?

जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाने पर बहुत कुछ में बदलाव दिखने को मिल रहा है। जिसकी जानकारी आप नीचे जानेंगे।

1.जम्मू कश्मीर से धारा 370 के हटाने पर अब वह भारत के अन्य राज्य की तरह ही केंद्र शासित प्रदेश होगा।

2.अब भारत के कोई भी व्यक्ति जम्मू कश्मीर में जमीन और सम्पत्ति खरीद कर वहाँ निवास कर सकते हैं।

3.अब भारत के कोई भी नागरिक जम्मू कश्मीर में शादी कर सकते हैं।

4.भारत के संविधान के अनुसार अब वहाँ पर भी विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्षों के होंगे।

5.अब जम्मू कश्मीर में भी भारत के राष्टगान और तिरंगा फहराया जाएगा और अगर कोई भी व्यक्ति इसका अपमान करता है , तो उसे कानून के तहत सजा हो सकता है।

6.अब भारत सरकार वहाँ के रक्षा, विदेशी मामले और संचार जैसे क़ानून के अलावा अन्य कानून भी बिना राज्य सरकार की अनुमति के लागू कर सकते हैं।

7. article 370 के हटने से अब वहाँ पर भी भारत के अन्य राज्यों की तरह एक ही संविधान और कानून होगा जिसे उन राज्यों के लोगों को पालन करना होगा।

8.अब वहाँ के लोगों की दोहरी नागरिकता और विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो जाएगा। भारत के अन्य राज्यों के तरह ही उनलोगों का भी एक ही भारत का नागरिकता रहेगा।

9.अब जम्मू कश्मीर में भी (RTI) यानी सूचना का अधिकार और CAG जैसे कानून आरम्भ हो जाएगा।

10. जम्मू कश्मीर से Article 370 हटने से बहुतों लोगों को फायदा होगा क्योंकि अब वहाँ पर कोई भी लोग बिजनेस और रोजगार कर सकते हैं।

11.धारा 370 के कारण ही जम्मू कश्मीर के अर्थव्यवस्था दयनीय थी अब इसके हटने से वहाँ की अर्थव्यवस्था मजबूत होंगे तथा केंद्र सरकार भी उनको सामान्य राज्यों की तरह मदद करेंगे।

आज के इस पोस्ट में आपने जाना कि आर्टिकल 370 क्या है what is article 370 in hindi  तो मित्रों क्या यह पोस्ट आपको अच्छा लगा ? अगर हाँ तो जल्दी से इस पोस्ट को अपने दोस्तों से भी शेयर कर दीजिए । शेेेयर करने के लिए पोस्ट के लास्ट में आपको व्हाट्सएप्प, फ़ेसबुक और ट्विटर आदि के Icon दिखाई देगा उसपर क्लिक करके पोस्ट को शेयर करे।

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